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संभागायुक्त के मार्गदर्शन में 16वीं बार बना ग्रीन कॉरिडोर

7 मिनट में चोईथराम अस्पताल से मेदांता अस्पताल पहुंचा दिल, प्रदेश में पहली बार हृदय प्रत्यारोपण हुआ 
इन्दौर (मध्यप्रदेश): इंदौर में 17 महीने के अंतराल में लगातार 16वीं बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। आज का दिन प्रदेश के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों से लिखा जायेगा। प्रदेश में आज पहली बार हृदय प्रत्यारोपण किया गया। चोइथराम हॉस्पिटल से मेदांता हॉस्पिटल तक लगभग 12 किलोमीटर की दूरी रेकार्ड 7 मिनट में तय एम्बुलेंस द्वारा हृदय को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। संभागायुक्त श्री संजय दुबे के मार्गदर्शन में इंदौर जिले में 16वीं बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। श्रीमती बीना परयानी पत्नी श्री जगदीश गोर्धन परयानी उम्र 49 वर्ष निवासी द्वारकापुरी कॉलोनी का ब्रोन डेथ हो गया था। जिसका डॉक्टरों की टीम ने तीन पर परीक्षण किया और परिवार के सदस्यों को इस संबंध में बताया गया। परिवार के सदस्यों द्वारा अंगदान करने के लिये सहमति प्रदान की गयी,जिसके बाद पुन: डॉक्टरों की टीम द्वारा परीक्षण कर अंगदान की तैयारियां प्रारंभ कर दी गयीं। 
            इस संबंध में डॉ. दीक्षित ने बताया कि पूर्ण परीक्षण के बाद पाया गया है कि श्रीमती बीना परयानी ब्रोन डेथ हो चुकी हैं और परिवार की सहमति के बाद अंगदान की प्रक्रिया को प्रारंभ किया गया। सभी आर्गन की जांच के उपरांत लीवर, हार्ट ट्रांसप्लांट के लिये इंदौर में ही तैयारियां प्रारंभ की गयीं। इंदौर में हार्ट ट्रांसप्लांट के लिये प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. अनिल भान अपने साथियों के साथ गुडगांव से इंदौर पहुंचे और दूसरे प्रत्यारोपण के लिये फोर्टिस हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉ.अजिताब एवं डॉ.पीयुष श्रीवास्तव द्वारा चोइथराम हॉस्पिटल में लीवर ट्रांसप्लांट किया गया। मेंदाता हॉस्पिटल में महू के अग्रवाल परिवार के 47 वर्षीय श्री संजय अग्रवाल को यह हृदय प्रत्यारोपण मेदांता हॉस्पिटल में किया गया। 
         श्री संजय अग्रवाल की पत्नी ने बताया कि उनके पति सात साल से हृदय की बीमारी से पीड़ित थे और उन्हें पेसमेकर लगा हुआ था। कल शाम उन्हें सूचना दी गयी, जिस पर उन्हें रात में ही मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और सभी परीक्षण उपरांत आज श्री संजय को हृदय प्रत्यारोपित किया गया। उक्त सम्पूर्ण कार्यवाही में यातायात विभाग तथा पुलिसकर्मियों के साथ-साथ आम नागरिकों ने भी सहयोग प्रदान किया। संभागायुक्त श्री संजय दुबे ने इस सम्पूर्ण कार्यवाही को व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न करने के लिये इस कार्य में लगे सभी सहयोगियों को धन्यवाद दिया और प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि आगे भी जब कभी इस तरह के कार्य की जरूरत पड़ती है तो उन्हें इसी तरह का सहयोग मिलेगा। 
मेदांता अस्पताल के एम्बुलेंस ड्रायवर शॉन मोहम्मद ने पाँचवीं बार ग्रीन कॉरिडोर का हिस्सा बने 
 इंदौर में 17 महीनों में 16वीं बार ग्रीन कॉरिडोर बनाकर इतिहास रच दिया है। इसके साक्षी मेदांता हॉस्पिटल के एम्बुलेंस चालक शान मोहम्मद बने। उन्होंने अभी तक 5 बार आर्गन को लाने ले जाने में महती भूमिका निभायी है और एम्बुलेंस चलाकर आर्गन को समय-सीमा में विमानतल और अस्पताल तक सुरक्षित और समय पर अंग पहुंचाये।

Green-Corridor-made-by-16th-time-under-the-guidance-of-the-Commissioner-संभागायुक्त के मार्गदर्शन में 16वीं बार बना ग्रीन कॉरिडोर

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